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Principal’s Message

Welcome to Gargi!

Our college has been named after Gargi Vachaknavi, a sagacious and enlightened philosopher of the 7th Century who was ahead of her times and exemplified scholarly excellence, fearless astuteness, divergent thinking and the relentless ability to question. We cherish the same tradition and encourage our students to challenge themselves, be skeptical and ask questions in this fast-pacing and ever evolving world. As one of the many examples, this spirit has been captured by our second year student, Ms.Kratika Khinchi winning the best  design for our University of Delhi’s 100-year commemoration logo across the entire university.
We started our humble journey way back in the year 1967 as a women’s college with 200 students, 2 courses and faculty strength of 16 members. Now, 55 years down the line we have 21 undergraduate and 3 post graduate courses, over 4500 students and more than 200 faculty members .  We offer Liberal Arts, Sciences and Commerce streams. At Gargi, we take pride in our students and faculty and nurture diversity as an asset, thereby  creating a  safe space for conversations that are ongoing and necessary.
We endlessly strive to give our best and that is reflected in our evolving rankings across prestigious platforms. Our college was awarded ‘A’ grade in its first cycle of assessment by NAAC and we await the second round now. The National Institutional Ranking Framework (NIRF) ranked us 16th at an All-India level in the year 2021. These feats come with a tremendous sense of responsibility and we try dispensing it to the best of our abilities.
The New Education Policy (NEP) emphasizes application-based learning, value and skill enhancement to add to your repertoire of life skills. Our faculty and staff members shall continue to strive  to make sustained efforts for a smooth, joyous and empowering learning experience for our students. Apart from academic excellence, we also offer evolving research hubs that are steered by our brilliant faculty members who mentor our budding community of young researchers to think out of the box and develop a critical mindset to add value to the world. Gargi’s roll of honour has gold medallists’ across courses every year in the University.
Gargi college has ICT enabled class rooms, Wi-Fi enabled campus, air conditioned auditorium and seminar hall, and a computerized library facility. When you walk around our lush green, eco friendly campus, you would come across enthusiastic group of students vibrant with energy and ideas beyond their academic curriculum. They bring accolades beyond academics as we have 24 Cultural and Non-Cultural societies along with NCC and NSS. You walk further into our sports field and you would witness an inspiring interplay of discipline, dedication and duty by our sports teams who have brought us laurels both internationally and nationally. Outside of your classrooms, you could use our open gym  as we emphasize the importance of holistic wellbeing. That also includes our mental health initiatives in the form of peer support groups; Izhaar (offers support across all departments) & Saarthi (offers support for the sports department).
If new ideas fascinate you, if diversity adds meaning to your being, if education is more than classroom teachings, and if your vision is to be the best possible version of yourself: Gargi is your space!
I hope as a Gargi undergraduate you take away with you the very essence of what our institution offers: an empowering world view, the courage to lead with compassion and the vision to make a difference in every sphere of life by capitalizing and nurturing your uniqueness!

Prof. (Dr) Sangeeta Bhatia
Principal (Acting)


गार्गी में आपका स्वागत है!

हमारे महाविद्यालय का नाम सातवीं शताब्दी ई.पू. की एक महान विदुषी एवं प्रबुद्ध दार्शनिक गार्गी वाचकन्वी के नाम पर रखा गया है। वे उच्च श्रेणी की विद्वता, निडरता, बुद्धिमत्ता एवं लीक से हटकर सोच और उत्सुकता की प्रतिमूर्ति थीं, और अपने समय से बहुत आगे थीं। हमने उसी परंपरा को संजोए रखा है और अपने छात्रों को इस बात के लिए प्रोत्साहित करते हैं कि वह हमें भी चुनौती देने से न चूकें। हम उन्हें इस तेज़ी से बदलती और निरंतर विकसित होती हुई दुनिया को लेकर संशय करने और सवाल पूछते रहने के लिए भी प्रोत्साहित करते हैं। हमारी इस भावना को सही साबित करने वाले अनेक उदाहरणों में से एक ताजा उदाहरण है‌ हमारी द्वितीय वर्ष की छात्रा सुश्री कृतिका खिन्ची, जिसने दिल्ली विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह के लिए ‘स्मारक लोगो’ बनाकर सर्वश्रेष्ठ डिजाइन का पुरस्कार जीतकर ‘गार्गी की उत्कृष्टता’ के भाव को पूरे विश्वविद्यालय में साबित किया है।
हमने अपनी यात्रा की शुरुआत वर्ष 1967 में बहुत मामूली ढंग से एक महिला महाविद्यालय के रूप में की थी, जिसमें दो सौ छात्राएं, दो पाठ्यक्रम और सोलह संकाय सदस्य शामिल थे। पचपन साल बाद, अब हमारे पास इक्कीस स्नातक और तीन स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम हैं, 4500 से अधिक छात्राएं और दो सौ से अधिक संकाय सदस्य हैं। हम कला, विज्ञान और वाणिज्य संकायों में अपनी छात्राओं को शिक्षा प्रदान करते हैं। गार्गी में, हम अपने छात्रों और शिक्षकों पर गर्व करते हैं और विविधता को एक संपदा के रूप में संपोषित करते हैं, जिससे संवाद के लिए एक सुरक्षित स्थान का निर्माण होता है। ये संवाद निरंतर चलना आवश्यक है।
हम अपना सर्वोत्तम देने का निरंतर प्रयास करते हैं और यह प्रयास हर प्लेटफॉर्म पर हमारी उभरती रैंकिंग में परिलक्षित होता है। हमारे कॉलेज को नैक द्वारा अपने पहले चक्र के मूल्यांकन में 'ए' ग्रेड प्रदान किया गया था और अब हम एक और पायदान ऊपर ए+ पर पहुंच गए हैं।नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) ने हमें वर्ष 2021 में अखिल भारतीय स्तर पर 16वां स्थान दिया है। ये पड़ाव ज़िम्मेदारी की ज़बरदस्त भावना के साथ मिलते हैं और हम इसे अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमताओं तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) अनुभव-आधारित शिक्षा प्रणाली, जीवन-कौशल के प्रदर्शनों को जीवन में जोड़ने के लिए मूल्यों और कौशल वृद्धि पर बल देती है। हमारे सभी संकाय सदस्य एवं कर्मचारीगण अपने छात्रों के लिए एक सहज, आनंदमय और सीखने के गहन अनुभव के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं। अकादमिक उत्कृष्टता के अलावा, हम अनुसंधान के क्षेत्र में उभरते हुए नए अवसरों के केंद्र के रूप में स्वयं को प्रस्तुत करते हैं, जो हमारे उत्कृष्ट संकाय सदस्यों द्वारा संचालित होते हैं। ये अवसर हमारे नवोदित युवा शोधकर्ताओं के समुदाय को लीक से हटकर सोचने और दुनिया में नये मूल्य संवर्धन के लिए एक महत्वपूर्ण मानसिकता विकसित करने के लिए सलाहकार की भूमिका निभाते हैं। गार्गी की ‘सम्मान सूची’ में विश्वविद्यालय में हर साल अनेक पाठ्यक्रमों में स्वर्ण पदक विजेता अपना स्थान बनाते हैं।
गार्गी कॉलेज में आईसीटी सक्षम क्लास रूम, वाई-फाई सुविधा सम्पन्न परिसर, वातानुकूलित सभागार और सेमिनार हॉल तथा एक पूर्ण कम्प्यूटरीकृत पुस्तकालय की सुविधा है। जब आप हमारे हरे-भरे, पर्यावरण अनुकूलित परिसर में घूमते हैं, तो आप छात्रों के उत्साही समूह को अपने शैक्षणिक पाठ्यक्रम से परे ऊर्जा और विचारों के साथ जीवंत पाएंगे। वे शैक्षिक गतिविधियों से परे भी प्रशंसा पाते हैं, क्योंकि हमारे पास एन.सी.सी और एन.एस.एस के साथ-साथ 24 सांस्कृतिक और गैर-सांस्कृतिक गतिविधियों की समितियाँ हैं। और आप हमारे खेल के मैदान में आगे बढ़ते हुए हमारे खिलाड़ियों की टीम भावना को देख सकते हैं। मैदान में अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठता के प्रेरक भाव आप हमारे खिलाड़ियों में देखेंगे। हमारे अनेक खिलाड़ियों ने हमें अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाई है। अपनी कक्षाओं के बाहर, आप हमारे खुले जिम का भी उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि हम समग्र व्यक्तित्व के विकास पर बल देते हैं। इसमें सहकर्मी सहायता समूहों के रूप में, हमारी मानसिक स्वास्थ्य पहल भी शामिल है; इज़हार (सभी विभागों में सहायता प्रदान करता है) और सारथी (खेल विभाग के लिए सहायता प्रदान करता है)।
यदि नये विचार आपको आकर्षित करते हैं, यदि विविधता आपके अस्तित्व में मायने रखती है, यदि शिक्षा कक्षा की शिक्षाओं से भी अधिक है, और यदि आपकी सोच में ‘स्वयं का सर्वोत्तम संभव संस्करण’ बनना है तो गार्गी आपके लिए सर्वोत्तम स्थान है!
"एक सशक्त विश्व दृष्टिकोण, नेतृत्व करने का साहस, अपनी विशिष्टता को मिलने वाले उचित अवसरों की समझ और मिलने वाले अवसरों को संपोषित करके जीवन के हर क्षेत्र में बदलाव लाने की दृष्टि!" मुझे आशा है कि गार्गी स्नातक के रूप में आप हमारे संस्थान द्वारा प्रदान किये जाने वाले इस ‘ज्ञान का सार’ को अपने साथ ले जाएंगे।

प्रो. (डॉ.) संगीता भाटिया

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